Saturday, May 25, 2019

स्पर्श












26 comments:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल सोमवार (27-05-2019) को "खुजली कान के पीछे की" (चर्चा अंक- 3348) पर भी होगी।
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    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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    1. सादर आभार आदरणीय ।

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  2. वाह...ये गीत पढ़ना एक मधुर अनुभव रहा I

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  3. ब्लॉग बुलेटिन की दिनांक 26/05/2019 की बुलेटिन, " लिपस्टिक के दाग - ब्लॉग बुलेटिन “ , में आप की पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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    1. सादर आभार आदरणीय ।

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  4. वाह ! लाज़बाब प्रिय सखी
    सादर

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    1. सस्नेह धन्यवाद सखी ।

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    1. सादर आभार आदरणीया ।

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  6. सुमधुर श्रन्गार

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    1. सादर आभार आदरणीय ।

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  7. वाह!!बहुत खूबसूरत गीत!

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    1. सस्नेह धन्यवाद ।

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  8. बहुत बढ़िया

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    1. सादर आभार आदरणीय ।

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  9. बहुत सुंदर अभिव्यक्ति, दीपशिखा दी।

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    1. सस्नेह धन्यवाद प्रिय ज्योति ।

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  10. नयनों की मधुशाला से चालकता खुमार .... किस किस को भेदेगा ये खुमार ...
    बहुत लाजवाब ...

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    1. सादर आभार आदरणीय ।

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  11. Replies
    1. सादर आभार आदरणीय ।

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ओ पाहुन.....