अल्प विराम
Thursday, August 23, 2018
ये दुनिया
1 comment:
Jyoti Dehliwal
3:56 AM
बहुत ही मार्मिक और कड़वी सच्चाई दर्शाती रचना,दिप दी।
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ओ पाहुन.....
ओ पाहुन.....
क्यों बन सुधि तुम समाए ह्रदय में.......
क्यों बन सुधि तुम समाए ह्रदय में....... क्यों बन सुधि तुम समाए ह्रदय में....... क्यों बन सुधि तुम समाए ह्रदय में....
बेपीर
बहुत ही मार्मिक और कड़वी सच्चाई दर्शाती रचना,दिप दी।
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