Sunday, March 01, 2020

मैं बेसुध ...






16 comments:

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    1. सादर आभार आदरणीय ।

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  2. जी नमस्ते,
    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा सोमवार (02-03-2020) को 'सजा कैसा बाज़ार है?' (चर्चाअंक-3628) पर भी होगी।
    आप भी सादर आमंत्रित हैं।
    *****
    रवीन्द्र सिंह यादव

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    1. सादर आभार रवीन्द्र जी ।

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  3. सुन्दर प्रस्तुति

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    1. सादर आभार आदरणीय ।

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  4. आपकी लिखी रचना "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" आज सोमवार 02 मार्च 2020 को साझा की गई है...... "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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    1. सादर आभार आदरणीया ।

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  5. "कण कण मिटते प्राणों में मैं देख रही निर्वाण "
    वाह! क्या कहा है I

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  6. वाह!!!
    बहुत ही लाजवाब।

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    1. सादर आभार आदरणीया ।

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  7. वाह बेहतरीन रचना 👌👌

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    1. सादर आभार सखी

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  8. बेहतरीन लेखन शैली व अति उत्तम प्रस्तुति । इस नवीन शैली हेतु बधाई आदरणीय ।

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  9. सादर धन्यवाद पुरुषोत्तम जी

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